33 साल से बंद थी बाप-बेटी की बात, सुप्रीम कोर्ट ने गुजारा भत्ता दिलाकर दोनों को मिलवाया https://ift.tt/xiQ5H8m

अदालत ने पिता से कहा कि आप कहते हैं कि वह आपसे बात तक नहीं करती। आप सिर्फ शिकायत कर रहे हैं, आप जानते ही नहीं कि आपकी बेटी कितनी प्रतिभावान है। आप कहते हैं कि बेटी बोझ है।

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