'कानूनी या तथ्यात्मक मुद्दों के फैसले का आधार नहीं हो सकता चैटजीपीटी' : दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी https://ift.tt/x7ChqyP
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की बेंच ने कहा कि एआई से उत्पन्न डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता अब भी अस्पष्ट है। ऐसे उपकरण का उपयोग प्रारंभिक समझ या प्रारंभिक शोध के लिए ही किया जा सकता है।
from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/b3tnpgV
from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/b3tnpgV
Comments
Post a Comment